मुंबई। महाराष्ट्र के पश्चिमी उपनगर स्थित एक निजी स्कूल और जूनियर कॉलेज को सोमवार को परिसर में बम होने की सूचना ई-मेल से मिली थी, लेकिन बाद में पता चला कि यह एक अफवाह थी। इस घटना की जानकारी पुलिस ने दी।
एक अधिकारी ने बताया कि कांदिवली स्थित एक स्कूल के प्रशासन को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें भेजने वाले ने खुद को अफजल गिरोह का सदस्य बताते हुए कहा कि स्कूल परिसर में बम है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस ने बम का पता लगाने और उसे नष्ट करने वाले दस्ते तथा डॉग स्क्वॉड (बीडीडीएस) के साथ मिलकर कांदिवली एजुकेशन सोसाइटी (केईएस) स्कूल और जूनियर कॉलेज में गहन तलाशी ली, लेकिन उन्हें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। बाद में उन्होंने इस मेल को फर्जी करार दिया। अधिकारी ने बताया कि 23 जनवरी को जोगेश्वरी-ओशिवारा इलाके के एक स्कूल में भी ऐसी ही घटना हुई थी।
उन्होंने बताया कि स्कूल को भी इसी तरह का एक ईमेल प्राप्त हुआ था, जिसमें भेजने वाले ने दावा किया था कि अफजल गिरोह के सदस्यों ने परिसर में विस्फोटक लगा रखे हैं। उन्होंने बताया कि यह धमकी भी एक धोखा साबित हुई थी।
23 जनवरी को भी मिली थी एक स्कूल को बम की धमकी
यह घटना शहर के एक अन्य स्कूल को इसी तरह की झूठी धमकी मिलने के ठीक तीन दिन बाद हुई है। 23 जनवरी को अंधेरी के जोगेश्वरी-ओशिवारा इलाके में रयान ग्लोबल स्कूल को भी ऐसी ही धमकी मिली थी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने कार्रवाई शुरू कर दी थी।
उसी दिन, दिल्ली के कई स्कूलों को भी प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक समूह, सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) की ओर से इसी तरह की धमकियां मिलीं।
ईमेल में, एसएफजे ने कथित तौर पर कहा कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संविधान के विरोध में तिरंगा फहराने से रोकने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहा है।
ईमेल में गणतंत्र दिवस मनाने के खिलाफ चेतावनी दी गई थी, जिसमें "हिंसा और राज्य की ओर से प्रतिशोध का उच्च जोखिम" होने की धमकी दी गई थी।
मेल में लोगों को गणतंत्र दिवस के किसी भी कार्यक्रम में छात्रों या कर्मचारियों को न भेजने की भी चेतावनी दी गई थी।
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