तेल अवीव। गाजा के दक्षिणी शहर राफा के उत्तर में शुक्रवार को इस्राइली बलों ने शुक्रवार को विस्थापित फलस्तीनियों के लिए तम्बू शिविरों पर गोलाबारी की, जिसमें करीब 25 लोग मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए। वहीं, अल-अहली अस्पताल के आर्थोपेडिक प्रमुख फादेल नईम ने कहा कि यहां 30 लोगों के शव लाए गए थे, उन्होंने इस दिन को गाजा शहर के लिए क्रूर दिन बताया। इस्राइल और हमास के बीच लड़ाई में एक महीने से भी कम समय में यह बमबारी हुई, जिससे विस्थापित फलीस्तीनियों के शिविरों में आग लग गई। राफा में नागरिक सुरक्षा के प्रवक्ता अहमद राडवान के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने तटीय क्षेत्र में दो जगहों पर बमबारी के बारे में बचावकर्मियों को जानकारी दी। जिसके बाद गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस्राइली हमलों में मारे गए लोगों और घायलों की संख्या के बारे में जानकारी दी। वहीं, इस्राइली सेना का कहना है कि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि सुरक्षित क्षेत्र के अंदर आईडीएफ द्वारा हमला किया गया था। जानकारी के अनुसार, इस्राइल ने मुवासी के आसपास बमबारी की है। यहां विस्थापित फलीस्तीनियों ने हाल ही में तम्बू शिविर बनाए थे। मृतकों के रिश्तेदारों ने बताया कि इस्राइली बलों ने दूसरी बार गोलाबारी की है। मोना एशौर के अनुसार, हमला एक गोला-बारूद से शुरू हुआ, जिसमें केवल एक जोरदार धमाका और चमकीली चमक थी। इस हमले में मोना ने अपने पति को खो दिया। वहीं, इस्राइल का कहना है कि वह हमास के लड़ाकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। नागरिकों की मौत के लिए इस्राइल ने आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया है। इस्राइल का कहना है कि आतंकवादी आबादी के बीच काम कर रहे हैं, इसलिए हमले में नागरिकों की भी मौत हो रही है। इस्राइली सेना का कहना है कि मध्य गाजा में लड़ाई के दौरान दो सैनिकों की भी मौत हुई है। दोनों की उम्र करीब 20 वर्ष के आसपास थी। वहीं, तीन इस्राइली सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
Samachaar Today Latest & Breaking News Updates In Hindi