रायपुर: राज्य शासन द्वारा नागरिक सेवाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए संचालित आधार सेवा केंद्र अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम तोयलंका की निवासी श्रीमती आयते की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है, जिनकी वर्षों पुरानी आधार संबंधी समस्या का समाधान होने से उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ फिर से मिलने लगा है।
श्रीमती आयते लंबे समय से आधार कार्ड अपडेट नहीं होने के कारण परेशान थीं। आधार निष्क्रिय होने से उन्हें पेंशन, राशन और अन्य शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई बार प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाने से वे निराश हो चुकी थीं।
इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आधार सेवा केंद्र संचालित किया जा रहा है, जहां आधार संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाता है। जानकारी मिलते ही वे सेवा केंद्र पहुंचीं और अपनी समस्या अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताई।
जांच में पता चला कि लंबे समय से ई-केवाईसी नहीं होने के कारण उनका आधार निष्क्रिय हो गया था। सेवा केंद्र के कर्मचारियों ने आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराई और आधार को पुनः सक्रिय कर दिया। पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की गई।
आधार पुनः सक्रिय होने के बाद श्रीमती आयते को अब पेंशन, राशन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन और आधार सेवा केंद्र के कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा ने उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कर दिया और उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है।
राज्य शासन की मंशा है कि हर नागरिक को बिना अनावश्यक परेशानी के शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिले। आधार सेवा केंद्रों के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक अपडेट, मोबाइल नंबर अपडेट और आधार सक्रियण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान हो रही है और डिजिटल सेवाओं पर उनका भरोसा मजबूत हो रहा है।
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