रायपुर: जल जीवन मिशन वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में जीवन की तस्वीर बदल रही है। कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के दूरस्थ व माओवाद प्रभावित रहे, पेयजल संकट से जूझने वाले टेकापानी गांव में अब जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से हर घर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हो रही है। भारत सरकार और राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत हर ग्रामीण परिवार में प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन न्यूनतम 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। टेकापानी जैसे संवेदनशील गांवों में इस लक्ष्य की प्राप्ति बड़ी उपलब्धि है।

जिला मुख्यालय कांकेर से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित टेकापानी के लोग पहले पीने और घरेलू उपयोग के लिए नाले व झरिया के पानी पर निर्भर थे। गर्मियों में जलस्तर घटने पर महिलाओं को लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता था। सरपंच श्री सुदूराम कावड़े बताते हैं कि अब गांव में स्थापित सोलर आधारित जल आपूर्ति प्रणाली से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। साथ ही जल गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है, जिसमें “जल बहिनियाँ”, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और गांव की महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत टेकापानी में 20 नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचने लगा है। गांव के ही पंप ऑपरेटर श्री अनिल नूरेटी ने बताया कि अब गांववालों को नाले पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जीवन कहीं अधिक सरल हो गया है। जल जीवन मिशन से जल संकट समाप्त होने के साथ-साथ स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है, जलजनित बीमारियों में कमी आई है।
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