रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के ग्राम बम्हनी में लोधी समाज के लिए 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। लंबे समय से समाज के लोगों को अपने सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए उचित स्थान की आवश्यकता थी, जिसे उप मुख्यमंत्री की पहल से अब यह भवन पूरा होगा।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उपस्थित लोधी समाज के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इस भवन का सभी लोगों के काम के लिए मिल-जुलकर उपयोग करें। यह भवन समाज के कार्यक्रम, बैठक, शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के लिए बहुत काम आएगा। इससे पूरे गांव के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गांवों में जरूरी सुविधाएं बढ़ाने और विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इस दौरान उन्होंने ग्राम बम्हनी में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नई सरकार बनने के बाद प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। केवल ग्राम बम्हनी में ही पिछले दो वर्षों में 113 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 84 आवास का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बैठकों और गतिविधियों के लिए गांव में महतारी सदन का निर्माण कराया गया है। प्रदेश भर में ऐसे महतारी सदनों का निर्माण ग्राम पंचायतों में किया जा रहा है, ताकि महिलाओं को एक सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान मिल सके।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं, जहां महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को गांव में ही पैसा निकालने सहित अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने बम्हनी में भी एक सप्ताह के भीतर यह केंद्र शुरू करने के निर्देश सीईओ जनपद पंचायत को दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेन्द्र साहू, युवा प्रदेशाध्यक्ष लोधी समाज श्री सुरेश सिंगौर, जिला लोधी समाज अध्यक्ष श्री संतोष कौशिक, सहित अन्य जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सहकारिता से युवाओं को रोजगार और गांव को मिलेगा विकास का नया रास्ता– उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से आज कई तरह के काम किए जा सकते हैं और इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कवर्धा क्षेत्र की महिलाएं और पशुपालक गुजरात के बनासकांठा जिले का भ्रमण कर वहां की डेयरी व्यवस्था और सहकारी गतिविधियों को देखकर आए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं भी वहां की डेयरी संस्थाओं का कार्य देखने गए थे और वहां से कई उपयोगी अनुभव प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, कृषि और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर काम किया जा सकता है, जिससे लोगों की आय बढ़ेगी और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने भ्रमण के दौरान मिले अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यदि गांव के लोग मिलकर सहकारी रूप से काम करें तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं।
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