रायपुर: प्रदेश में धान उपार्जन कार्य पारदर्शी, सुव्यवस्थित और किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। प्रशासन की सतत निगरानी और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते राज्य के विभिन्न जिलों में किसानों को धान विक्रय में सहूलियत मिल रही है और खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल एवं समयबद्ध हो गई है।
सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत शिवपुर के किसान श्री राजेंद्र प्रसाद ने धान उपार्जन केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान की पैदावार अच्छी हुई है और उनके पास कुल 148 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने धान उपार्जन समिति के माध्यम से पहले चरण में 50 क्विंटल धान का टोकन कटवाया, जिसमें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।
किसान राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास की प्रक्रिया पूर्ण की गई, नमी परीक्षण किया गया और तत्पश्चात तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। धान विक्रय की संपूर्ण प्रक्रिया नियमानुसार, पारदर्शी और सुव्यवस्थित रही। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, बैठने और छाया जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, जिससे प्रतीक्षा अवधि में भी किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों को धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन, सब्जी सहित अन्य फसलों की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हो रही है।
किसान राजेंद्र प्रसाद ने वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था को सराहनीय बताते हुए कहा कि सरकार की किसान-हितैषी नीतियों से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिसके कारण धान विक्रय प्रक्रिया पूरी तरह सुगम हो गई है।
Samachaar Today Latest & Breaking News Updates In Hindi