रायपुर: वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज बिलासपुर जिले में स्थित देश के प्रमुख संरक्षित क्षेत्र अचानकमार टाइगर रिज़र्व का भ्रमण किया। यह क्षेत्र अपनी घनी हरियाली, स्वच्छ जलधाराओं और समृद्ध वन्यजीवन के कारण प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा अनुभव प्रदान करता है। वन मंत्री श्री कश्यप ने जंगल के भीतर विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया और वहाँ की जैव-विविधता, वन संरक्षण कार्यों तथा वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
छत्तीसगढ़ की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है अचानकमार
भ्रमण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अचानकमार टाइगर रिज़र्व छत्तीसगढ़ की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है, जहाँ वन विभाग द्वारा संरक्षण एवं संवर्धन कार्य लगातार प्रभावी रूप से किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी जागरूक किया जाए, ताकि वन क्षेत्र की सुरक्षा और मजबूत हो सके।

छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला हमारी सांस्कृतिक पहचान
राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित गोंड चित्रकला कलाकार सुश्री रागिनी ध्रुव ने वन मंत्री से सौहार्दपूर्ण भेंट की। उन्होंने अपनी विशिष्ट गोंड कला शैली में बनाई गई एक सुंदर पेंटिंग मंत्री श्री कश्यप को समर्पित की। वन मंत्री ने इस सम्मान के लिए कलाकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला हमारी सांस्कृतिक पहचान है और इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष स्थान प्राप्त है।

प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत दोनों ही राज्य की ताकत
मंत्री श्री कश्यप ने आगे कहा कि प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत दोनों ही राज्य की ताकत हैं। इनका संरक्षण और प्रोत्साहन शासन की प्राथमिकता है। अचानकमार टाइगर रिज़र्व के अधिकारियों ने मंत्री को वन क्षेत्र में की जा रही योजनाओं, वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था, ईको-टूरिज्म गतिविधियों और समुदाय आधारित संरक्षण कार्यक्रमों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।

प्रकृति की सुंदरता, वन संरक्षण और जनजातीय कला तीनों का मनमोहक संगम
भ्रमण के दौरान का पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण और प्रेरणादायक रहा, जिसमें प्रकृति की सुंदरता, वन संरक्षण और जनजातीय कला तीनों का मनमोहक संगम देखने को मिला।

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