राजगढ़
मध्य प्रदेश का राजगढ़ जिला इन दिनों पहाड़ी हिल स्टेशन जैसा नजर आ रहा है। पिछले पांच दिनों से यह प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बना हुआ है। बीते दिन शहडोल के बाद राजगढ़ का तापमान सबसे कम दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं और मौसमी बदलाव इसके पीछे मुख्य कारण हैं।
नवंबर की शुरुआत से ही यहां ठंड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दिनभर चलने वाली ठंडी हवाओं से लोगों को कंपकंपी छूट रही है। इंदौर और भोपाल के साथ सोमवार को राजगढ़ में सबसे ज्यादा ठंड महसूस की गई। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई गई है। बारिश की भी संभावना है।
शीतलहर का अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। इसका सबसे अधिक असर राजगढ़ में देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन राजगढ़, भोपाल और इंदौर में तीव्र शीत लहर की चेतावनी जारी की गई है।
टूटा 25 साल का रिकॉर्ड
नवंबर के दूसरे ही सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कई शहरों में रिकॉर्ड टूट गए हैं। भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच चुका है, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा चुका है। इंदौर में पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी।
हो सकती है बारिश
भोपाल में बारिश की संभावना भी व्यक्त की जा रही है। बता दें कि नवंबर के महीने में 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।
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