छतरपुर
रेत से भरे तीन ट्रैक्टरों को पकड़े जाने के बाद उनको थाने में रखवा दिया गया था लेकिन बाद में दबंग आए और ट्रैक्टरों को ले गए। प्रशासन की कार्रवाई पर दबंगों के भारी पड़ने के बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से ले लिया है और ट्रैक्टर छोड़े जाने के मामले में एसडीएम अखिल राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इधर जिन ट्रैक्टरों को दबंग थाने से ले गए थे उनमें दो यादवों और एक तिवारी का ट्रैक्टर बताया गया है। बताया गया है जब मामले को गंभीरता से लिया गया और कलेक्टर के नोटिस के बाद फिर से तीन और ट्रैक्टरों को पकड़ लिया गया है और थाने में रखवा दिया गया है। कलेक्टर ने एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल रूप से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
साथ ही अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद ट्रैक्टरों को छुड़ा ले जाने का या कोई पहला मामला नहीं इससे पहले भी दो बार पुलिस और माइनिंग की कार्रवाई के दौरान दबंग भारी पड़े और ट्रैक्टरों को छुड़ाकर ले गए थे लेकिन यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है कि जिन ट्रैक्टरों को पकड़ा गया और थाने में रखवा दिया गया उनको नेताओं के दबाव में जाकर छोड़ दिया गया।
अब इस मामले को लोगों ने सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया है लोगों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था पर दबंग भारी पड़ रहे हैं। कलेक्टर द्वारा गठित विशेष टीम इस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में एसडीएम अखिल राठौर का कहना है कि तीन ट्रैक्टरों को पकड़ा गया है और उनको थाने में रखवा दिया गया है।
दोषियों पर इसमें कार्रवाई की जाएगी। इधर मामले को लेकर सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह का कहना है कि यह माइनिंग और राजस्व अधिकारियों की करवाई है इस संबंध में वही जवाब दे सकते हैं।
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