खजुराहो
मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में शामिल होने के लिए नामित किया है। यह सत्र 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक न्यूयॉर्क (अमेरिका) में आयोजित होगा। इस दौरे में देशभर से कुल 15 सांसद संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में शामिल होंगे, जिनमें मध्यप्रदेश से केवल विष्णुदत्त शर्मा को प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है। इस चयन को राज्य के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के लिए सांसदों का चयन प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की प्रत्यक्ष निगरानी में किया गया है। माना जा रहा है कि दिल्ली द्वारा खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपना, उनके प्रति केंद्र सरकार के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) विश्व के सबसे प्रतिष्ठित कूटनीतिक मंचों में से एक है, जहां सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं और अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। बता दें भारत समय-समय पर अपने सांसदों और प्रतिनिधियों को विभिन्न वैश्विक मंचों पर भेजता रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया जा सके और वैश्विक नीतिगत चर्चाओं में भारत की सक्रिय भूमिका बनी रहे।
मध्य प्रदेश से एकमात्र प्रतिनिधि
इस दौरे की खास बात यह है कि विष्णुदत्त शर्मा 15 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल में मध्य प्रदेश से शामिल होने वाले एकमात्र सांसद हैं। यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक गौरव का विषय माना जा रहा है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके अनुभव और संगठनात्मक कौशल को देखते हुए इस चयन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीएमओ ने दी जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के लिए सांसदों का चयन सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की देखरेख में हुआ है। निश्चित तौर पर दिल्ली द्वारा वीडी शर्मा को यह जिम्मेदारी देना उनके ऊपर विश्वास का प्रतीक है। संयुक्त राष्ट्र महासभा दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों में से एक है, जहाँ विभिन्न देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हैं और अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी उपलब्धि है।
यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय सांसद यूएन के कार्यक्रमों में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारत समय-समय पर अपने सांसदों और प्रतिनिधियों को वैश्विक मंचों पर भेजता रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूती दी जा सके और वैश्विक नीति-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई जा सके।
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