भिलाई नगर. हनुमान मंदिर कैम्प 01 के समीप आचार्य पंडित ओमप्रकाश द्विवेदी के निवास स्थान पर गुरुवार को गुरु पूर्णिमा का आयोजन किया गया. इसमें आचार्य ओमप्रकाश द्विवेदी ने गुरु-शिष्य संबंध और परंपरा के बारे में बताया. अनुयायियों ने भजन-कीर्तन में भी भाग लिया. गुरु पूर्णिमा में शामिल लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बृहस्पतिवार को ध्यान और भजन-कीर्तन के साथ गुरु पूर्णिमा मनायी गयी.भिलाई -दुर्ग शहर के विभिन्न हिस्सों से आये अनुयायियों ने इसमें हिस्सा लिया.
गुरु-शिष्य संबंधों पर आचार्य पंडित ओमप्रकाश द्विवेदी ने कहा, ‘भारत ने जो शिक्षाएं दी हैं और जिनमें उसके गुरुओं ने विशेषज्ञता हासिल की है, उनका अनुसरण करें. दुनिया को उसका सर्वोच्च उपहार यह ज्ञान है कि चरण-दर-चरण विधियों के माध्यम से ईश्वर को कैसे पाया जाये. अगर आप भारत की आत्मबोध संबंधी शिक्षाओं का पालन करते हैं, तो आप इसी जीवन में ईश्वर को पा सकते हैं.’
आचार्य पंडित ओमप्रकाश द्विवेदी ने अपने अनुयायियों को बताया कि यह दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्मदिन भी है। वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे। उनका एक नाम वेद व्यास भी है। उन्हें आदिगुरु कहा जाता है और उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है।
आचार्य ओमप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि गुरु, विष्णु भी है क्योंकि वह शिष्य की रक्षा करता है गुरु, साक्षात महेश्वर भी है क्योंकि वह शिष्य के सभी दोषों का संहार भी करता है। संत कबीर कहते हैं-‘हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहिं ठौर ॥’ सतगुरु की महिमा अनंत, अनंत किया उपकार लोचन अनंत, अनंत दिखावण हार- अर्थात सद्गुरु की महिमा अपरंपार है।
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर युवा मोर्चा अध्यक्ष अमित मिश्रा एवं साथियों के साथ आचार्य पंडित ओम प्रकाश द्विवेदी जी का स्वागत किया गया! महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती स्वीटी कौशिक और उपाध्यक्ष श्रीमती प्रमिला दुबे ने साथियों के साथ आचार्य पंडित ओमप्रकाश द्विवेदी का अभिनंदन किया । इस अवसर पर शहर के अनेक जर्मन नागरिक व्यापारी उद्योगपति विशेष रूप से उपस्थित थे
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