रायपुर,
रायपुर के युवाओं ने अपने हुनर और रचनात्मकता से दुनिया को दिखा दिया कि सपने रेत पर नहीं, रंगों में रचे जाते हैं। ‘एंटैंगल्ड स्टूडियो’ के बैनर तले काम करने वाली इस टीम ने वर्ल्ड ऑडियो विज़ुअल एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) 2025 में भारत के लिए ऐनिमी एनीमेशन श्रेणी में गोल्ड मेडल और वेबटून श्रेणी में सिल्वर मेडल जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन पहली बार भारत में हुआ। मुंबई में आयोजित चार दिवसीय समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस आयोजन में 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी में भारत की युवा प्रतिभा ने अपना परचम लहराया।
टीम में शामिल ये सितारे
गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम में शुभ्रांशु सिंह, शेफाली सिंह, निहाल डुंगडुंग और प्रथम विरानी शामिल हैं। सभी की उम्र 22 से 25 वर्ष के बीच है और ये युवा इंजीनियरिंग व फैशन डिज़ाइन जैसे विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आते हैं। वे ऐनिमी की उस दुनिया में अपना नाम बनाना चाहते थे जो अपनी रंगीनता, भावनात्मक गहराई और जीवंत पात्रों के लिए जानी जाती है।
वेबटून में भी छत्तीसगढ़ के विजयी रंग
वेबटून श्रेणी में सिल्वर मेडल छत्तीसगढ़ के ही एक और प्रतिभाशाली युवा विशाल मरावी ने जीता। वे भी एंटैंगल्ड स्टूडियो से जुड़े हैं और उनकी इस रचनात्मक जीत ने स्टूडियो को दोहरी सफलता दिलाई है।
सपनों की यह उड़ान नागपुर से शुरू हुई
शुभ्रांशु सिंह ने बताया कि इस रचनात्मक यात्रा की शुरुआत अक्टूबर 2024 में नागपुर में आयोजित रीजनल प्रतियोगिता से हुई। वहां विजयी होने के बाद, टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर 11 शहरों की विजेता टीमों के साथ मुकाबला किया और फाइनल के लिए चुनी गई। WAVES 2025 के मंच पर 20 से अधिक देशों की टीमों को पछाड़कर इन युवाओं ने भारत को स्वर्ण दिलाया।
नज़रे अब टोक्यो पर
गोल्ड मेडल के साथ टीम को 2026 में टोक्यो, जापान में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय ऐनिमी इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त हुआ है। टीम इस अवसर को लेकर बेहद उत्साहित है और मानती है कि यह भारत की ऐनिमी प्रतिभा को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का सुनहरा मौका है।
युवा सपनों का भविष्य है ऐनिमी
टीम लीडर शुभ्रांशु सिंह का कहना है कि भारत में ऐनिमी एनीमेशन का भविष्य बेहद उज्ज्वल है और यह युवा वर्ग के लिए एक रचनात्मक व करियर विकल्प बन सकता है। रायपुर के इन रचनात्मक सितारों ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक, कल्पनाशीलता और मेहनत का संगम हो तो छत्तीसगढ़ जैसे राज्य से भी विश्व मंच पर छा जाना मुमकिन है।
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