रायपुर
साइबर क्राइम से से ठगे गए 11 लाख रुपये को थाईलैंड और चाइना भेजने के मामले में रायपुर पुलिस ने चार्टड अकाउंटेंड, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वाले के साथ ही मुख्य सरगना को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर, मोबाइल आदि बरामद किया है।
आईजी अमरेश मिश्रा ने रेंज साइबर थाना को साइबर अपराधों मे शामिल मुख्य आरोपितों के विरुद्ध तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी रखने को कहा है। पुलिस के मुताबिक शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा का झांसे देकर डॉ.प्रकाश गुप्ता से 11 लाख रुपये की ठगी हुई थी।
साइबर थाने को सौंपी गई जांच
शिकायत पर आमानाका पुलिस थाने में केस दर्ज किया। इसकी जांच रेंज साइबर थाना को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान पूर्व में दिल्ली निवासी आरोपित पवन सिंह, गगनदीप शर्मा, राजवीर सिंह, संदीप रात्रा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
दिल्ली में तीन अलग-अलग स्थानों पर छापे
इसके बाद ऑपरेशन साइबर शील्ड अंतर्गत कार्रवाई करते हुए टीम ने तकनीकी विश्लेषण कर मुख्य आरोपितों की पहचान की। साथ ही टीम को दिल्ली रवाना किया। पुलिस ने दिल्ली में तीन अलग-अलग स्थानों में छापे की कार्रवाई की। इस दौरान प्रकरण से संबंधित दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर के साथ साइबर अपराध से अर्जित की गई रकम से खरीदे गए मकान, फ्लैट की जानकारी मिली।
पुलिस की गिरफ्त में आए 11/07 शालीमार बाग, थाना शालीमार बाग वेस्ट दिल्ली के 29 वर्षीय हिमांशु तनेजा,बी-01,वेस्ट दिल्ली, वर्तमान पता मकान नंबर आरजेडबी 153, डाबरी एक्सटेशन ईस्ट दिल्ली के 37 वर्षीय गणेश कुमार और हाउस नंबर 57, डेयरी वसंत कुंज, मसुदपुर, साउथ वेस्ट दिल्ली निवासी 26 वर्षीय अंकुश कुमार से पूछताछ में कई राज खुले।
फर्जी कंपनी के नाम से बैंक खाता
आरोपित फर्जी कंपनी के नाम से बैंक खाता खोलकर कर फारेक्स ट्रेडिंग के माध्यम से रकम विदेश भेजते थे। बाद में रकम को वापस प्राप्त कर लेते थे। आरोपितों से जब्त रकम से क्रय की गई संपत्ति के दस्तावेज प्राप्त करके अटैच करने की कार्रवाई की जा रही है।
Samachaar Today Latest & Breaking News Updates In Hindi