नई दिल्ली। म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या 1,002 से अधिक पहुंच गई है। इस आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के सैन्य प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग से बात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
भारत ने शनिवार को राहत सामग्री की पहली खेप म्यांमार को सौंपी। म्यांमार में भारत के राजदूत अभय ठाकुर ने यांगून के मुख्यमंत्री यू सोई थीन को औपचारिक रूप से यह राहत सामग्री दी। सहायता सामग्री में टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, भोजन के पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाएं शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत से राहत सामग्री म्यांमार भेजी गई। पहली खेप यांगून पहुंच चुकी है और आगे भी सहायता जारी रहेगी।
राहत अभियान के तहत भारतीय वायुसेना के सी-130 जे विमान ने लगभग 15 टन राहत सामग्री म्यांमार पहुंचाई। भारत की मानवीय सहायता की पहली खेप यांगून हवाई अड्डे पर पहुंच गई है। विदेश मंत्रालय के एक्सपी डिवीजन के अनुसार, राहत सामग्री लेकर दो और विमान जल्द ही हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से रवाना होंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे कई इमारतें जमींदोज हो गईं और हजारों लोग प्रभावित हुए। झटकों का असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक और चीन के युन्नान प्रांत तक महसूस किया गया। मीडिया रिपोर्ट की मने तो, भूकंप प्रभावित सभी इलाकों से मरने वालों की संख्या 1,002 से अधिक हो गई है। म्यांमार के सैन्य शासन ने इस आपदा के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है।
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