भोपाल: पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि समाज, परिवार और कार्यस्थल पर महिलाओं की भूमिका अतुलनीय है। स्वास्थ्य क्षेत्र में महिलाओं का योगदान सराहनीय है। बीएमएचआरसी में कार्यरत महिला डॉक्टरों, नर्सों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की निष्ठा और सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने यह बात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार को बीएमएचआरसी में आयोजित महिला सम्मान समारोह में कहीं।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज समाज में महिलाओं के प्रति सोच बदल रही है। महिलाएं अब अबला नहीं हैं बल्कि उन्होंने आर्थिक, सामाजिक, खेल और राजनीति के हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। अगर आज हमारे देश में धर्म, संस्कृति और परंपरा जीवित हैं, तो उसका श्रेय नारियों को ही जाता है। महिलाएं ही सही मायनों में हमारी संस्कृति की वाहक हैं।
उन्होंने बीएमएचआरसी की महिला कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों को सराहनीय बताया और कहा कि बीएमएचआरसी के कर्मचारी अपने सेवाभाव से कई लोगों की जान बचा रहे हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने भोपाल गैस त्रासदी स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और पौधारोपण किया। इसके बाद रक्ताधान चिकित्सा विभाग में मौजूद रेफ्रिजरेटेड सेंट्रीफ्यूज मशीन का लोकार्पण किया। यह मशीन कैंसर, एनीमिया, थैलीसीमिया और हेमोफीलिया जैसी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को शुद्ध और सुरक्षित ब्लड कंपोनेंट्स उपलब्ध कराने में सहायक है।
राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बीएमएचआरसी द्वारा मरीजों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि संस्थान की तरक्की के लिए वे हरसंभव सहयोग देंगी। उन्होंने बीएमएचआरसी की पूरी टीम को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं और मरीजों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस दौरान प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. नेहल शाह और जनप्रतिनिधियो के साथ बीएमएचआरसी के कर्मचारी मौजूद रहे।
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