खैरागढ़
खैरागढ़ नगर पालिका में शुक्रवार को क्रास वोटिंग का अविश्वनीय खेल देखने को मिला. कांग्रेस के उपाध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को मतदान हुआ, जिसमें दो भाजपा पार्षदों की क्रॉस वोटिंग के कारण रज्जाक खान की कुर्सी बच गई.
दरअसल, बीते निकाय चुनाव में खैरागढ़ नगर पालिका में कांग्रेस की जीत के बाद शैलेंद्र वर्मा अध्यक्ष बने थे. लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया. इसके बाद भाजपा की गिरिजा चंद्राकर को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई. वहीं उपाध्यक्ष पद पर काबिज कांग्रेस पार्टी के रज्जाक खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया.
खैरागढ़ नगर पालिका में वर्तमान स्थिति में भाजपा के 13 पार्षद और कांग्रेस के 7 पार्षद हैं. शुक्रवार को हुए मतदान में इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए 14 पार्षदों के समर्थन की जरूरत थी, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में केवल 11 वोट पड़े, वहीं प्रस्ताव के विरोध में 9 वोट पड़े. इस तरह से दो भाजपा पार्षदों की क्रास वोटिंग से रज्जाक खान की कुर्सी बच गई.
इस घटनाक्रम ने खैरागढ़ की राजनीति में सनसनी फैला दी है. भाजपा के भीतर गुटबाजी और असंतोष की चर्चाएं तेज हो गई हैं. कांग्रेस इसे अपनी जीत के रूप में देख रही है, जबकि भाजपा इस नतीजे से सकते में है. अब देखना होगा कि इस सियासी उलटफेर के बाद नगर पालिका की राजनीति किस दिशा में जाती है.
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