दिल्ली: सवेरे से ही गली-मौहल्ले में राजनीतिक दलों की सैकड़ों की संख्या में रैलियां निकलतीं हैं। इसमें लाउडस्पीकरों का शोर, घरों की दीवारों पर पोस्टर चस्पा करना, दरवाजे के नीचे से हमें वोट दें, जैसे पर्चे डाल देना। जैसे तमाम तरीकों के जरिए पार्टियां अपने चुनाव प्रचार प्रसार में धार देने का काम कर रही है। इससे हमारे घरों की दीवारें किसी प्रचार बोर्डिंग में तबदील हो चुकी हैं। क्या इन राजनीतिक दलों को आदर्श आचार संहिता के बारे में जानकारी नहीं है या फिर उल्लंघन करना इनकी आदत बन गई है। ऐसी तमाम शिकायतें लोग ऑनलाइन माध्यम के जरिए चुनाव आयोग की तरफ से जारी किए गए सीविजल ऐप पर कर रहे हैं।
शिकायतों के लिए फास्ट-ट्रैक निस्तारण प्रणाली
सीविजल एप मतदाताओं को चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता संबंधी उल्लंघनों की शिकायतें दर्ज करने के लिए चुनाव आयोग ने उपलब्ध कराया है। इसमें आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत का फोटो, वीडियो, ऑडियो बनाकर इसे आसानी से एप पर अपलोड कर शिकायत दर्ज करने की सुविधा हैं। इसमें फास्ट-ट्रैक कम्प्लेन, रिसेप्शन और निस्तारण प्रणाली विकसित की गई है। सीविजल एक मोबाइल एप्लीकेशन है, जो शिकायतकर्ता का लाइव लोकेशन ट्रैक करता है। ताकि उड़नदस्ते को मामले की जांच करने के लिए डिजिटल साक्ष्य मिल सकें।
3871 से अधिक शिकायतें हो चुकीं हैं दर्ज
वर्तमान में दीवारों और सड़कों पर लगे अवैध चुनावी पोस्टर, होर्डिंग, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से लेकर रैलियों में आचार संहिता के उल्लंघन के फोटो, वीडियो और ऑडियो तक की शिकायतें लोग कर रहे हैं। इसमें शिकायतकर्ता की जानकारी गुप्त रखी जाती है। आचार संहिता लागू होने की तारीख सात जनवरी से लेकर 28 जनवरी तक 3871 से अधिक शिकायतें सीविजल एप पर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से लगभग आधे से ज्यादा मामलों को सुलझाया जा चुका है।
उत्तर जिले से मिले सबसे अधिक मामले
दिल्ली में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के सबसे अधिक मामले उत्तर जिला से आ रहे हैं। उत्तर जिला में सबसे तेजी से मामले बढ़ रहे हैं, मंगलवार तक 757 से अधिक शिकायतों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। वहीं उत्तर-पूर्व जिला में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के सबसे कम मामले दर्ज किए गए है। उत्तर-पूर्व जिला में भी मंगलवार तक 86 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई है।
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