उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्री-बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद अब रतलाम से भी ऐसी ही खबर आ रही है. यहां 10वीं का संस्कृत और 12वीं का अकाउंटेंसी का पेपर देर रात लीक हो गया. प्रदेश में बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं शिक्षा विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं. हालांकि मध्य प्रदेश में 10वीं की बोर्ड परीक्षा हो या 12वीं की, पेपर सुरक्षा का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है. बीते सालों में इसके लीक होने का इतिहास खराब रहा है. तीन सालों में कई पेपर समय से पहले सोशल मीडिया पर आ चुके हैं।
बोर्ड परीक्षाओं का समय नज़दीक
फरवरी-मार्च में बोर्ड परीक्षाएं होनी हैं. इससे पहले ही गुरुवार को रतलाम में प्री-बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक होने की खबर ने सबको चौंका दिया है. रतलाम में प्री-बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं के पेपर सोशल मीडिया पर आ गए. जो पेपर आए, वो परीक्षा में आ गए. अभी मध्य प्रदेश में मुख्य बोर्ड परीक्षाएं होनी बाकी हैं. परीक्षा हॉल से पहले ही कमजोर छात्रों तक पेपर पहुंचाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसमें कोचिंग संस्थान चलाने वाले चेहरे शामिल हैं।
उज्जैन में लीक हुए थे पेपर
बता दें कि प्रदेश में 16 जनवरी से प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुई थीं। उज्जैन में पेपर तय तिथि से दो दिन पहले ही छात्रों तक पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम आदि के जरिए इसे बच्चों तक पहुंचाया गया है। बुधवार को उज्जैन में आयोजित 10वीं विज्ञान और 12वीं विज्ञान व गणित का पेपर मंगलवार रात को ही लीक हो गया था।
शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती
प्री-बोर्ड परीक्षा के पेपर का बाहर आना शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती और कड़ा सबक है। सिस्टम पर शिकंजा कसना और उसे इतना दुरुस्त बनाना भी उसकी जिम्मेदारी है कि किसी का भी इस पर से विश्वास न उठ जाए। इसके लिए उसे ऑनलाइन पेपर डाउनलोड करने की प्रक्रिया में खामियों को पहचानना होगा और उन्हें दूर करने का प्रयास करना होगा।
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