टोहाना। टोहाना के पूर्व विधायक व इनेलो नेता चौधरी कर्म सिंह डांगरा का 104 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव डांगरा में किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सुभाष बराला सहित पूर्व कैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, पूर्व विधायक निशान सिंह सहित इलाके के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
जिंदल अस्पताल में चल रहा था इलाज
बता दें कि कर्म सिंह डांगरा पिछले कुछ दिन से अस्वस्थ थे तथा हिसार के जिंदल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया। बता दें कि कर्म सिंह 1977 में जनता पार्टी से विधायक बने थे, उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार करनल भीम सिंह को 14 हजार मतों से हराया था। कर्मसिंह दो बार गांव डांगरा के सरपंच रहे तथा इसके अलावा भी विभिन्न पदों पर रहे।
पहली बार 1977 में बने थे विधायक
कर्म सिंह डांगरा पहली बार साल 1977-1982 में विधायक बने थे। वह चौधरी देवीलाल की जनता से पार्टी से विधायक चुने गए थे। डांगरा वर्ष 1982 में जनता पार्टी के हिसार जिले के प्रधान भी रहे थे। 1986 में चौधरी देवीलाल के आह्वान पर न्याय युद्ध में दिल्ली तक पैदल यात्रा में गए।
1986 के रास्ता आंदोलन के दौरान वो जेल भी गए। 1987-88 में कर्म सिंह डांगरा हरियाणा खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन के पद पर नियुक्त हुए थे। कर्म सिंह डांगरा फिलहाल में 1997 से अब तक इनेलो के स्टेट कार्यकारिणी के सदस्य थे।
ऐसे हुई थी राजनीतिक जीवन की शुरुआत
पूरे इलाके में कर्म सिंह डांगरा की पहचान एक ईमानदार और सादगी से भरे जीने के लिए थी। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1960 में डांगरा गांव का सरपंच बनने से हुई थी। इसके बाद वह 1977 में विधायक बने थे।
मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव डांगरा में किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सुभाष बराला सहित पूर्व कैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, पूर्व विधायक निशान सिंह सहित इलाके के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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