मुंबई । वेदांता लिमिटेड के क्रेडिटर्स अगले महीने बैठक में कंपनी की रिस्ट्रक्चरिंग प्लान पर अंतिम फैसला देगा। योजना के तहत कंपनी को पांच अलग-अलग कारोबार में बांटा जाएगा। यह कदम कंपनी की संरचना को सरल बनाने और उसके कर्ज भार को कम करने की योजना का हिस्सा होगा। जानकारी के अनुसार, बैठक कोर्ट के आदेश पर 18 फरवरी को आयोजित होगी, जिसमें योजना के विवरण पर चर्चा होगी। अगर कंपनी के क्रेडिटर्स प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तब इस शेयरधारकों की स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
वेदांता लिमिटेड ने 2023 के अंत में अपने रिस्ट्रक्चरिंग प्लान की घोषणा की थी। योजना के तहत एल्यूमिनियम, तेल और गैस, पावर और स्टील जैसे व्यवसायों को अलग-अलग कंपनियों के रूप में लिस्ट किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य कंपनी के मूल्यांकन में सुधार करना और इसकी मूल कंपनी, वेदांता रिसोर्सेज, पर बढ़ते कर्ज को कम करना है।
पिछले साल वेदांता के 75 प्रतिशत सुरक्षित लेनदारों ने एक योजना को मंजूरी दी थी। अब, कंपनी ने अपने कारोबार को अलग-अलग यूनिट्स में बांटने की योजना तैयार की है। इसमें एल्युमीनियम, तेल और गैस, पावर, स्टील और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर फोकस होगा। सेमीकंडक्टर यूनिट को कंपनी के मौजूदा कारोबार के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और तांबे की संपत्तियों के साथ रखा जाएगा। योजना को आगे बढ़ाने के लिए फरवरी में 75 प्रतिशत कर्जदाताओं की फिर से मंजूरी लेनी होगी। बैठक की तारीख और डील की संरचना पर अभी चर्चा चल रही है, और इनमें बदलाव संभव है। कंपनी के एक प्रतिनिधि ने इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया।
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