वास्तु शास्त्र में यह माना जाता है कि घर में कोई भी वास्तु दोष होने पर उसका सीधा असर घर के सदस्यों के जीवन पर पड़ता है. यह दोष जीवन के हर पहलू पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिसमें स्वास्थ्य, धन, रिश्ते, और करियर शामिल हैं. जब घर में वास्तु दोष होता है, तो यह न सिर्फ आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बनता है, बल्कि परिवार के सभी सदस्य इससे प्रभावित होते हैं.
वास्तु दोष कब उत्पन्न होता है?
घर में वास्तु दोष उत्पन्न होने के मुख्य कारणों में से एक है, अगर घर का कोई हिस्सा ऐसा हो, जहां दिनभर सूर्य की रोशनी न पहुंचती हो और वह स्थान हमेशा अंधेरे में डूबा रहता हो. ऐसी जगह से नकारात्मक ऊर्जा का जन्म का संचार बढ़ जाता है, जो घर के वातावरण को प्रभावित करती है. साथ ही, घर की रसोई और पूजा स्थान में गंदगी का जमा होना भी वास्तु दोष का कारण बन सकता है. यदि घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर जूते-चप्पल रखे जाते हैं, तो यह भी वास्तु दोष के रूप में गिना जाता है.
वास्तु दोष के लक्षण
घर में वास्तु दोष होने के कई लक्षण होते हैं. यदि घर में रहने वाले किसी भी सदस्य का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता रहता है और रोग ठीक होने का नाम नहीं लेता, तो यह वास्तु दोष के होने का संकेत हो सकता है. इसके अलावा, यदि परिवार की आर्थिक स्थिति में अचानक गिरावट आती है या किसी कारण से घर में लगातार तंगी या कर्ज की समस्या बनी रहती है, तो यह भी एक संकेत है. मानसिक तनाव, आपसी विवाद, और घर के सदस्यों के बीच शांति का अभाव भी वास्तु दोष का फल हो सकता है.
वास्तु दोष का प्रभाव
वास्तु दोष का प्रभाव केवल घर तक ही सीमित नहीं रहता. यह दोष घर के सदस्यों के कार्यक्षेत्र और अन्य जीवन क्षेत्रों में भी असर डालता है. नौकरी के मामलों में यह तरक्की में रुकावट उत्पन्न करता है, जिससे व्यक्ति की मेहनत का सही परिणाम नहीं मिल पाता. व्यापार करने वालों के लिए भी वास्तु दोष घातक साबित हो सकता है, क्योंकि इससे उनका व्यापार प्रभावित होता है, घाटा बढ़ने लगता है और आर्थिक नुकसान होता है. ऐसे में, वास्तु दोष का समय पर समाधान न करना आगे और बड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है.
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