नई दिल्ली । माइक्रोसॉफ्ट ने वित्तीय वर्ष 2025 में लगभग 80 बिलियन डॉलर का निवेश करने का ऐलान किया है। यह निवेश बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तकनीक को और पावरफुल बनाने पर किया जाएगा। 2022 में ओपन एआई के चेटजीपीटी लॉन्च होने के बाद एआई की दुनिया में हलचल मच गई है। इसका असर है कि हर कंपनी अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेस में एआई का इस्तेमाल बढ़ा रही है। एआई को चलाने के लिए तेज़ी से काम करने वाले डेटा सेंटर्स की ज़रूरत है, जिनमें हज़ारों चिप्स जुड़े होते हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने पहले ही एआई के लिए ठोस निवेश किया है और वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी का पूंजीगत खर्च 84.24 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन ने बताया कि इस निवेश का अधिकांश हिस्सा अमेरिका में किया जाएगा, जिससे कंपनी की डेटा सेंटर्स की ताकत बढ़ेगी। माइक्रोसॉफ्ट अपने 365 कोपीलॉट को और बेहतर बनाने के लिए एआई मॉडल्स का इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी चाहती है कि लागत कम हो और स्पीड बेहतर हो, इसलिए अब यह ओपन एआई के साथ-साथ दूसरे एआई मॉडल्स का भी इस्तेमाल करेगा। माइक्रोसॉफ्ट ने साफ किया है कि यह कदम केवल उनकी साझेदारी को बढ़ाने के लिए है और कंपनी के पास ओपनएआई के मॉडल्स को कस्टमाइज़ करने का अधिकार भी हेगा।
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