पटना । बिहार की राजनीति में हाल ही में नए मोड़ दिखाई दिए हैं। बीपीएससी छात्रों के आंदोलन के समर्थन में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अनशन शुरू किया है। उन्होंने नीतीश कुमार पर तीखा हमला कर कहा कि सत्ता के अहंकार में उनकी बुद्धि काम नहीं कर रही है। पीके ने आरोप लगाया कि नीतीश बीजेपी पर दबाव बनाने के लिए लालू यादव के ऑफर पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा, लालू का प्रस्ताव स्वीकार या अस्वीकार करने की बजाय नीतीश ने विधानसभा चुनाव को देखकर प्रस्ताव को लटका दिया। उनका मकसद बीजेपी से विधानसभा चुनाव के लिए अधिक सीटें हासिल करना है।
उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र कर कहा कि जनता ने नीतीश को सबक सिखाया था, और 2025 में वह और बड़ी सजा भुगतने वाले है। प्रशांत ने कहा कि नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर अंतिम चरण में है, और वह सत्ता में बने रहने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। पीके ने कहा कि नीतीश, लालू के साथ केवल तभी चुनाव लड़ सकते हैं, जब कोई मजबूत रणनीतिकार उनके पक्ष में हो। उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान परिस्थिति में नीतीश कुमार की खामोशी केवल उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती है।
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