वास्तु शास्त्र के अनुसार, अग्नि, वायु और जल के लिए दिशाएं निर्धारित है. वास्तु के अनुसार माना जाता है कि घर में इन तत्वों से जुड़ी चीजों को सही दिशा में रखना बहुत ही जरूरी है. वरना वास्तु दोष का कारण बन सकते हैं और घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ सकता है. इसी तरह घर में पानी की टंकी सही दिशा में रखना बहुत जरूरी है क्योंकि गलत दिशा में पानी की टंकी रखने से धन हानि के साथ कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. जानिए पानी की टंकी को किस दिशा में रखें और किस दिशा में नहीं रखना चाहिए.
इन दिशाओं में न रखें पानी की टंकी
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी से भरे टैंक को दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण में नहीं रखना चाहिए. इस दिशा में पानी होने से घर में मानसिक और शारीरिक बीमारियां अधिक बढ़ती है. इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के ऊपर कर्ज बढ़ता है.
पानी का टैंक दक्षिण-पूर्व दिशा में भी नहीं रखना चाहिए क्योंकि इस दिशा को अग्नि की दिशा कहा जाता है. ऐसे में आग और पानी का मेल वास्तु दोष का कारण बन सकता है, इसलिए इस दिशा में भी पानी का टैंक न रखें.
वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा में टैंक या फिर भूमिगत टैंक नहीं होना चाहिए. इससे घर का वास्तु बिगड़ता है. इसके साथ ही परिवार के लोगों को धन हानि का सामना करना पड़ता है.
इस दिशा में पानी का टैंक लगाना शुभ
पानी की टंकी को उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है. वास्तु के अनुसार, इस दिशा में पानी की टंकी रखने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती है.साथ ही धन लाभ भी होता है.
पानी की टंकी को उत्तर दिशा में भी रखना शुभ माना जाता है. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है.और गृह कलेश जैसी समस्याएं दूर होती हैं.
उत्तर दिशा के मध्य या वायव्य के अलावा पश्चिम दिशा के मध्य में किसी भी दिशा में छत में टंकी रख सकते हैं. इससे आपको लाभ मिलेगा.
अगर आप भूमिगत टंकी बनवा रहे है तो उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखना शुभ होगा.
पश्चिम दिशा: इस दिशा में पानी रखना शुभ माना जाता है और यहां रहने वाले लोगों का धन बढ़ता है.
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