गोड्डा. गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड में स्थित योगिनी स्थान मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक मानी जाती है और यह स्थान अपनी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, जहां नए साल के पहले दिन बिहार – झारखंड से लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ यहां लगती है. यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है, जहां लोग एक जनवरी को पिकनिक मनाने के लिए भी यहां पहुंचते है.
1 जनवरी को यहां भारी संख्या में श्रद्धालु माता योगिनी के दर्शन के लिए आते हैं. लोगों की मान्यता है कि साल की शुरुआत में माता का आशीर्वाद लेने से जीवन में शांति और समृद्धि बनी रहती है. इसके साथ हर सप्ताह शनिवार और मंगलवार को यहां विशेष पूजा होती है, जिसमें स्थानीय और दूर-दराज के भक्त शामिल होते हैं.
श्रद्धालु माता योगिनी के दर्शन
इसके अलावा मंदिर के आसपास स्थित पहाड़, जंगल और हरियाली भक्तों को वन भोज का आनंद लेने के लिए भी आकर्षित करते हैं, जहां पहाड़ों के किनारे लोग अपने रिश्तेदार, परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए आते है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने से माता उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. इस मंदिर का वातावरण भक्तिमय और ऊर्जा से भरपूर होता है, जो हर किसी के दिल को छू लेता है.
वहीं योगिनी स्थान पूजा करने आए कौशल कुमार ने बताया कि वह हर सप्ताह बिहार के पुंसिया से मां योगिनी मंदिर पूजा अर्चना के लिए आते हैं और एक जनवरी को भी पूरा दिन माता के प्रांगण में ही बिताते हैं
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