नई दिल्ली । विदेश मंत्री एस. जयशंकर 24-29 दिसंबर तक संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा करेंगे। डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद यह भारत से अमेरिका की पहली उच्चस्तरीय यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “वह प्रमुख द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अपने समकक्षों से मिलेंगे। यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री अमेरिका में भारत के महावाणिज्य दूतों के एक सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे।” वनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने के लिए शपथ लेंगे। उससे पहले विदेश मंत्री की यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही है।
पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए ट्रंप को बधाई देने वाले पहले विश्व नेताओं में से एक थे। संयुक्त राज्य अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के साथ फोन पर बातचीत के बाद उन्होंने कहा, “मेरे मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शानदार बातचीत हुई, उन्हें उनकी शानदार जीत के लिए बधाई दी। प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और कई अन्य क्षेत्रों में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक बार फिर मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।” एम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ भी बेहतरीन तालमेल विकसित किया था।उनके राष्ट्रपति पद के चार वर्षों में दोनों लोकतंत्रों के बीच संबंध गहरे हुए। दोनों नेताओं ने कई बार व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। हाल ही में दोनों नेता ब्राजील में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान और सितंबर में डेलावेयर में अमेरिकी राष्ट्रपति के वीकेंड घर पर मिले थे।
पिछले साल वाशिंगटन की राजकीय यात्रा पर आए पीएम मोदी की बाइडेन ने शानदार से मेजबानी की थी। उन्होंने पीएम मोदी के बारे में कहा था, “हर बार, मैं सहयोग के नए क्षेत्रों को खोजने की हमारी क्षमता से प्रभावित हुआ। साथ मिलकर, हम एक साझा भविष्य बना रहे हैं, जिसके बारे में मेरा मानना है कि इसमें असीमित संभावनाएं हैं।”
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