इन्दौर, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने खुद को भाजपा तथा संघ के लिए कोरोना वायरस बताते और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विदेशों में मस्जिदों में जाकर टोपी पहनते हैं और सम्मान लेते हैं, लेकिन भारत में आकर हिंदुत्व की बात करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लेते और गोधरा कांड का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी दंगा-फसाद रोकने में नाकाम रहे थे। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने भी उन पर राजधर्म का पालन न करने का आरोप लगाया था। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री कल देर रात इन्दौर पहुंचे थे। और उन्होंने अपने चिरपरिचित चर्चाओं में बने रहने के अंदाज में कई टिप्पणीयां करते अपना टिप्पणियों का पिटारा खोल दिया। दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा है कि, हे प्रभु ! हे महाकाल ! दूसरे ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में पैदा न हों। वहीं मायावती के बाबा साहेब को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि बाबा साहेब किसी एक व्यक्ति की प्रॉपर्टी नहीं हैं। उन्होंने वंचित वर्ग और महिलाओं को आगे लाने का मार्ग प्रशस्त किया। वे सबके हैं और उनके विचार सभी के लिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट द्वारा उन्हें कांग्रेस का कोरोना कहे जाने पर कहा कि हां, मैं भाजपा और संघ के लिए कोरोना वायरस ही हूं। उन्होंने सिलावट पर सवाल उठाते हुए कहा, तुलसी सिलावट का इतना बड़ा धंधा कहां से आया? इतना पैसा कहां से आया? यह उनसे पूछा जाना चाहिए।
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