IPL फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स का मालिकाना हक रखने वाले GMR ग्रुप ने इंग्लैंड में बड़ी डील की है. उसने ये करार हैम्पशर के साथ किया है. ये डील 120 मिलियन पाउंड यानी करीब 1350 करोड़ रुपये की है, जिसे कराने वाले इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन हैं. इंग्लैंड के स्टाइलिश बल्लेबाज रहे पीटरसन ने इस बड़ी डील में बिचौलिए की भूमिका निभाई है. हैम्पशर और दिल्ली कैपिटल्स दोनों की ओर से क्रिकेट खेल चुके होने की वजह से पीटरसन ने अपना काम बखूबी किया. इंग्लैंड के दिग्गज क्रिकेटर ने डील को इंग्लैंड क्रिकेट में ऐतिहासिक दिन बताया है.
केविन पीटरसन ने 2005 से 2010 के बीच हैम्पशर के लिए क्रिकेट खेला है. उन्होंने IPL की दिल्ली फ्रेंचाइजी में भी 3 साल बिताए हैं. वो तब इस IPL टीम का हिस्सा थे, जब उसे दिल्ली डेयरडेविल्स कहा जाता था. पीटरसन ने 2014 में दिल्ली फ्रेंचाइजी की कप्तानी भी की है. ऐसे में उनके GMR ग्रुप के चेयरमैन किरन कुमार ग्रांधी से रिश्ते अच्छे थे. सितंबर महीने की शुरुआत में दोनों ने साथ में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच T20 मैच भी देखा था. GMR ग्रुप के साथ पीटरसन के यही बेहतर रिश्ते डील की वजह बने.
ऐसा माना जा रहा है कि केविन पीटरसन का इस डील में अपना कोई बिजनेस हित नहीं है. उन्होंने बस दो पार्टियों को मिलाने का काम किया. एक बार जब डील हो गई, उसके बाद केविन पीटरसन ने दोनों पार्टियों को मुबारकबाद दिया और एक्स हैंडल पर उनके बीच हुई डील को इंग्लैंड क्रिकेट का ऐतिहासिक दिन बताया.
अब सवाल है कि दिल्ली कैपिटल्स को चलाने वाली GMR ग्रुप को इस डील से क्या-क्या मिला? तो उसे 3 चीजें मिली, जिसमें हैम्पशर की काउंटी टीम के अलावा साउदर्न ब्रेव टीम और रोज बाउल क्रिकेट स्टेडियम शामिल रहे. हैम्पशर की ओर से बयान जारी कर बताया गया कि फिलहाल GMR ने 53 फीसद हिस्सेदारी खरीदी है. बाकी बचे 47 फीसद शेयर भी वो अगले 2 साल में खरीद लेंगे. हैम्पशर की पैरेंट कंपनी पर चढ़े भारी कर्जे को इस डील की बड़ी वजह माना जा रहा है.
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