नई दिल्ली । आंध्र प्रदेश में भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है, जिससे राज्य के कई क्षेत्रों में भयंकर बाढ़ आ गई है। लगातार हो रही बारिश ने निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया है, परिवहन को बाधित कर दिया है और हजारों निवासियों को विस्थापित कर दिया है। नदियों के उफान पर होने और जल स्तर बढ़ने के कारण अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं और प्रभावित समुदायों को निकालने और राहत उपाय प्रदान करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
आध्रं में अभूतपूर्व मूसलाधार बारिश और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है और राहत शिविरों में निकाले गए लोगों की संख्या बढ़कर 45,369 हो गई है। सबसे अधिक प्रभावित विजयवाड़ा वाले एनटीआर जिले में 24 मौतें हुईं, गुंटूर (सात) और पालनाडु (एक) मौत हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 4 से 8 सितंबर तक उत्तरी तटीय आंध्र के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अहम बैठक की
इसके पहले मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बैंकरों और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उनसे अनुरोध किया कि वे क्षतिग्रस्त वाहनों और अन्य पर बीमा दावों का 10 दिनों में निपटान करें और उन्हें एक पखवाड़े में हल करें। उन्होंने बैंकों से बाढ़ पीड़ितों के ऋणों को पुनर्निर्धारित करने का भी अनुरोध किया क्योंकि उनमें से कई ने अपना सब कुछ खो दिया है और वे अपना जीवन फिर से शुरू करने की कगार पर हैं।
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