बोकारो के चास पुराना बाजार में स्थित प्राचीन गणेश मंदिर स्थानीय लोगों के आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है. यहां बीते 100 वर्षों से भगवान गणेश कि पूजा धूमधाम से आयोजन किया जा रहा है. प्राचीन गणेश मंदिर के पूर्वजों के वंशज उत्तम ने लोकल 18 से कहा कि 1913 में, मोदक समाज के पूर्वजों ने भगवान गणेश को कुल देवता मानते हुए. इस मंदिर की नींव रखी.
1920 में इस मंदिर को पक्के रूप में पुनर्निर्मित किया गया. इसके बाद, मंदिर में राजस्थान से पत्थर मंगवाकर भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना की गई. यह मंदिर आसपास क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं के बीच आस्था का केंद्र बना हुआ है. समय के साथ हुए बदलाव को देखते हुए 2019 में मंदिर का आधुनिक सौंदर्यकरण किया गया. जिसने मंदिर को एक नया सुंदरस्वरूप दिया है.
प्रसाद के रूप चढ़ाए जाते है गुड़ के लड्डू
वहीं मंदिर के पुरोहित संजय खवास ने बताया कि सबसे पहले उनके पूर्वज धारापति खवास ने मंदिर में पूजा अर्चना शुरू किया था. अब वह मंदिर में अपनी सेवा दे रहे हैं हर साल गणेश चतुर्थी और सकट चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है. यहां भगवान गणेश के छोटी प्रतिमा को दूध से अभिषेक कर फल, फूल अर्पण किए जाते हैं. उसके बाद भगवान गणेश को गुड़ के लड्डू का भोग चढ़ाया जाता है. प्रसाद के रूप में गुड़ के लड्डू भी दिए जाते हैं. इसके अलावा भक्ति कार्यक्रम और महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी और खीर का वितरण भी किया जाता है.वहीं मंदिर में पूजा अर्चना करने आए श्रद्धालु वेदांत पाल ने बताया कि वह बचपन से पूजा अर्चना करने आ रहे हैं. उनके अनुसार श्रद्धालु जो सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा करने से मनोकामना जरूर पूर्ण होती है.
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