वाशिंगटन । अमेरिका की एक अदालत ने मुंबई आतंकी हमले में शामिल पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर हुसैन राणा को बड़ा झटका दिया है। कैलिफोर्निया अदालत ने फैसला सुनाकर कहा कि हुसैन को दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है।
अमेरिकी अपीलीय अदालत ने अपने फैसले में कहा, भारत अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के तहत राणा को प्रत्यर्पित करने की अनुमति है। 63 वर्षीय राणा ने कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के फैसले को चुनौती देकर अमेरिका के अपीलीय न्यायालय में याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने अब याचिका को खारिज कर दिया। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने फैसला दिया था कि आतंकवादी हमलों में उसकी कथित भागीदारी के लिए राणा को भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है।
वर्तमान में लॉस एंजिल्स जेल में बंद राणा पर 26/11 के मुंबई हमले में शामिल होने के आरोप हैं। उसके पाकिस्तानी-अमेरिकी लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली के साथ संबंध माने जाते हैं। हेडली को कई आतंकवादी घटनाओं का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है।
प्रत्यर्पण आदेश की बंदी प्रत्यक्षीकरण समीक्षा के सीमित दायरे के तहत, पैनल ने माना कि राणा का कथित अपराध अमेरिका और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि की शर्तों के अंतर्गत आता है, जिसमें प्रत्यर्पण के लिए नॉन बिस इन आइडेम (दोहरा खतरा) अपवाद शामिल है।
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