नई दिल्ली । कांग्रेस नेतृत्व ने मंगलवार को पार्टी के महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के प्रमुखों के साथ बैठक की। इसमें आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और संगठन को लेकर चर्चा की गई। कांग्रेस के मुख्यालय में हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बेरोजगारी, महंगाई और संविधान पर हमले को लेकर केंद्र पर निशाना साधा और उस पर देश के गरीबों एवं मध्य वर्ग के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा कि कांग्रेस प्रमुख मुद्दों को लेकर अभियान शुरू करेगी और जनता के बीच जाएगी। कांग्रेस महासचिवों, राज्य प्रभारियों और प्रदेश इकाई के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद खरगे ने पोस्ट किया, कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों के लिए संगठनात्मक मामलों और राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एआईसीसी महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों की एक बैठक बुलाई।
खरगे ने दावा किया कि बेलगाम बेरोजगारी और अनियंत्रित मुद्रास्फीति और घरेलू बचत में कमी जैसे गंभीर मुद्दों पर पार्टी ने ध्यान केंद्रित करेगी है। खरगे ने आरोप लगाया कि संविधान पर हमला लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना लोगों की मांग है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमारे किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। हमारे देशभक्त युवाओं पर थोपी गई अग्निपथ योजना को ख़त्म किया जाना चाहिए।
बता दें कि महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में इस साल अक्टूबर-नवंबर महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। जम्मू-कश्मीर में भी इस साल विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। मीटिंग कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी, भूपेश बघेल, अजॉय कुमार, दीपक बैज, उदय भान, अजय माकन, अधिरंजन चौधरी, दीपा दास मुंशी, अजय राय, कुमारी शैलजा, गोविंद सिंह डोटासरा, वाईएस शर्मिला मुनियप्पा, सचिन पायलट, गुलाम अहमद मीर, डीके शिवकुमार, जीतू पटवारी, अखिलेश प्रसाद सिंह और राजीव शुक्ला सहित कई नेता शामिल रहे।
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