नई दिल्ली । देश में मानसून सीजन का आधे समय बीत चुका है। जून से सितंबर तक चलने वाले इस सीजन में 8 अगस्त तक 575 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के डेटाबेस से पता चलता है कि यह 575 एमएम बारिश 1971 से 2020 के 49 साल की अवधि के औसत से 12.1 प्रतिशत ज्यादा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, किसी इलाके में 1 एमएम बारिश का मतलब होगा कि 1 मीटर स्क्वायर एरिया पर बारिश की डेप्थ 1 मिलीमीटर के बराबर है। उत्तर प्रदेश में तेज बारिश के कारण 5 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बलिया-वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वाराणसी में आज दूसरे दिन भी 85 घाटों पर नावें चल रहीं हैं। घाटों के किनारे के 500 से ज्यादा मंदिर भी गंगा में डूब हुए हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी का पानी 1200 घरों में घुस चुका है। शहर में करीब 5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
बिहार में गंगा-गंडक समेत कई नदियां उफान पर
बिहार में गंगा और गंडक समेत कई नदियां उफान पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार पश्चिम चंपारण, सुपौल, नालंदा और गया जिले की 4 हजार आबादी बाढ़ की चपेट में है। बिहार में बीते 24 घंटे में बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत भी हुई है। मौसम विभाग ने आज 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है।
हिमाचल में 145 सडक़ें बंद
हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश के कारण लैंडस्लाइड और बाढ़ से 145 सडक़ें बंद हैं। स्टेट इमरजेंसी डिपार्टमेंट ने बताया कि बिजली और पानी की सप्लाई भी बाधित हुई है। 27 जून से 9 अगस्त तक बारिश संबंधित घटनाओं के कारण 100 लोगों की मौत हुई है। प्रदेश का 842 करोड़ रुपए का भी नुकसान हुआ है।
Samachaar Today Latest & Breaking News Updates In Hindi