बिजली कंपनी ने जगदीशपुर के एक उपभोक्ता को एक करोड़ 31 लाख रुपये का बिल भेज दिया। बिल देख उपभोक्ता के होश उड़ गए। बिल ने उपभोक्ता की धड़कन बढ़ा दी। इसकी शिकायत उपभोक्ता ने बिजली कंपनी के अधिकारी से करते हुए इसमें सुधार करने के लिए आवेदन दिया।
बिल में गड़बड़ी की बात को विभागीय अधकारी भी स्वीकार करते हैं। संबंधित अधिकारी ने 10 अगस्त तक बिल में सुधार का उपभोक्ता को भरोसा दिलया है।
स्मार्ट लगाने के बाद हुआ 'खेल'
जगदीशपुर प्रखंड के योगीबीर में संचालित मान्या ट्रेडर्स के संचालक ने साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, भागलपुर आपूर्ति क्षेत्र के अधिकारियों को दिए गए आवेदन में कहा है कि उक्त ट्रेडर्स के नाम से कनेक्शन लिया था। 26 जून को पुराना मीटर बदलकर 28 जून को स्मार्ट मीटर लगाया गया।
30 जून को जैसे ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक्टिव हुआ 63 लाख 99 हजार 28 रुपये का बिल आ गया। बिल देखकर वो हैरान व परेशान हो गया। इसकी शिकायत करते हुए बिल में सुधार के लिए आवेदन दिया गया, लेकिन बिल में सुधार तो नहीं हुआ, बल्कि और अधिक बिल भेज दिया गया।
25 जुलाई को आया 1.30 करोड़ का बिल
25 जुलाई को एक करोड़ 30 लाख 74 हजार 657 रुपये का बिल भेज दिया गया। बिल देखकर होश उड़ गए। दिल की धड़कने बढ़ा दी। बिल देखकर परेशान हैं। चिंता बढ़ा दी है। फिर इसकी शिकायत करते हुए जल्द बिल में सुधार के लिए उन्होंने आवेदन दिया, लेकिन बिल में सुधार नहीं हो रहा है। गलत मीटर रीडिंग के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली कंपनी के अधिकारी क्या बोले?
बिजली कंपनी के रेवेन्यू ऑफिसर अजित कुमार के अनुसार तकनीकी गड़बड़ी के कारण बिलिंग में गड़बड़ी हुई है। गलत बिल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मान्या ट्रेडर्स का पांच किलोवाट का लोड है। महीने में 500-600 यूनिट बिजली खपत हो रही है। ऐसे में 1.31 करोड का बिल गलत है।
उन्होंने कहा कि 10 अगस्त तक हर हाल में बिल में सुधार कर दिया जाएगा। सुधार करने पर करीब 10 हजार रुपये का बिल आएगा। इसमें उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं है।
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