हरिद्वार. हम अक्सर छोटे बच्चों के हाथ या गले में ताबीज बंधा देखते हैं, तो मन में यही सवाल आता है कि यह ताबीज बच्चे को क्यों पहनाया जाता है. लोग बच्चे को अक्सर ताबीज बांधकर रखते हैं, जिसके पीछे की मान्यता होती है कि उसको जीवन जीने में कोई समस्या न हो. यदि बच्चे को कोई समस्या होती है तो वह केवल रोकर ही अपनी परेशानी जाहिर करता है. शास्त्रों के अनुसार बुरी शक्तियां, ऊपरी हवाएं छोटे बच्चों को बहुत जल्दी प्रभावित करती हैं, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप की बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इन सभी परेशानियों से बच्चों को बचाने के लिए माता-पिता और परिवार के सदस्य छोटे बच्चों को हाथ या गले में ताबीज बांधकर रखते हैं. ताबीज बच्चों की सुरक्षा को लेकर बांधे जाने का प्रतीक है.
ताबीज क्यों बांध जाता है और इससे बच्चों को क्या फायदा होता है जैसे कई सवालों के जवाब जानने के लिए हमने हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री से बातचीत की. पंडित श्रीधर शास्त्री ने लोकल 18 को बताया कि सभी यही चाहते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित रहे. उसे कोई भी परेशानी न हो. बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं. जिसमें सबसे कारगर सुरक्षा ताबीज पहनना होता है. यदि बच्चों को सुरक्षा ताबीज पहनाया होता है, तो उसकी सुरक्षा को लेकर मन से सभी चिंताएं दूर हो जाती हैं.
पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि छोटे बच्चों को ऊपरी हवाएं और बुरी शक्तियां जल्दी प्रभावित करती हैं, जिससे बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान रहते हैं. इन सभी परेशानियों से बचने के लिए बच्चों को सुरक्षा ताबीज पहनना जरूरी होता है. यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. सुरक्षा ताबीज पवित्र स्थल या सिद्ध पीठ मंदिर में बनवाया जाता है जिसको किसी विद्वान या सिद्ध महात्मा द्वारा अभिमंत्रित करके दिया जाता है. सुरक्षा ताबीज को बच्चों की कमर, गला या उसके हाथ में बांधा जाता है.
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