कैरेबियन देश जमैका में बुधवार दोपहर आए बेरिल तूफान ने जमकर तांडव मचाया। इस तूफान से आम जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह पेड़ उखड़ गए, छतें टूट गईं और बड़ी संख्या में खेत नष्ट हो गए। पिछले कुछ दिनों से छोटे कैरेबियाई द्वीपों में हालात काफी खराब हैं। इस शक्तिशाली तूफान से मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम नौ हो गई है। बाढ़ और खतरनाक हवाओं से प्रभावित हुए द्वीपों में संचार सेवाएं वापस सही होने पर मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। जमैका में बुधवार दोपहर को तूफान द्वीप के दक्षिणी तट से टकराया। उसके बाद चली तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को प्रभावित किया। बचावकर्मियों ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।जमैका के टॉप हिल में रहने वाले 51 वर्षीय कैशियर अमॉय वेलिंगटन ने कहा, 'यह डरावना है। सब कुछ बर्बाद हो गया। मैं अपने घर में हूं, लेकिन डरा हुआ हूं। यह एक आपदा है।'प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस ने उन लोगों से जगह खाली करने को कहा, जो खतरे वाले क्षेत्रों में रहते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि जमैका के 500 लोगों ने शेल्टर का सहारा लिया। उन्होंने आगे कहा, 'फिलहाल हमने सबसे बुरा दौर नहीं देखा है। आगे क्या हो सकता है नहीं पता। हम जितना भी मानवीय रूप से संभव है, उतना कर रहे हैं। बाकी भगवान के हाथों में हैं।'जमैका की राजधानी किंग्स्टन और लोकप्रिय पर्यटक मोंटेगो बे में हवाई अड्डे पूरे दिन बंद रहे।
Samachaar Today Latest & Breaking News Updates In Hindi